Wednesday, February 15, 2012

विदेह मैथिली नाट्य उत्सव (रिपोर्ट उमेश मण्डल)-नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान २०१२



मधुबनी जि‍लान्त्र्गत चनौरागंजक जे.एम.एस. कोचिंग परि‍सरमे वि‍गत 28-29 जनवरी 2012केँ सरस्वमती पूजाक अवसरपर दु-दि‍वसीय ‘वि‍देह नाट्य उत्स्व’क आयोजन वि‍देह ई-पत्रि‍काक नाट्य-रंगमंच-फि‍ल्मटक संपादक बेचन ठाकुर जीक संयोजकत्वइमे कएल गेल। श्री बेचनठाकुर लि‍खि‍त ‘बि‍सवासघात’, श्री गजेन्द्रग  ठाकुर लि‍खि‍त ‘उल्का मुख’ आ श्री जगदीश प्रसाद मण्डसल लि‍खि‍त ‘बि‍रांगना’ नाटकक मंचन श्री बेचन ठाकुरक ि‍नर्देशनमे भेल। नाट्य रंगमंच-फि‍ल्म पर परि‍चर्चा, शि‍शुकला प्रदर्शन, काव्यि गोष्ठीन‍, एकर अति‍रि‍क्त नाटक अभि‍नय, गीत-संगीत, हास्यल–कला, नृत्य-कला, मूर्ति-कला, शिल्प-वस्तुयकला, काष्ठं-कला, कि‍सानी-आत्म-नि‍र्भर संस्कृकति एवं चित्र-कला‍ क्षेत्रमे 2012क ‘विदेह सम्मान’ सेहो प्रदान कएल गेल। ऐ अवसरपर वि‍शि‍ष्टद अति‍थि‍ रहथि‍ साहि‍त्यअकार जगदीश प्रसाद मण्डपल, कवि‍ जनककि‍शोर लाल दास, झंझारपुरक वरीय उपसमाहर्ता सह प्रभारी एस.डी.ओ. चेतनारायण राय, डी.सी.एल.आर; कुमार मि‍थि‍लेश प्रसाद सिंह, पूर्व जि‍ला पाषर्द बलराम साहु, डॉ. उषा महासेठ, कुमार रामेश्वर लालदास, रामवृक्ष सिंह, ब्रज कि‍शोर साह आ अवकाश प्राप्ता शि‍क्षक हरि‍नारायण झा। हजारो दर्शक-श्रोताक अालाबे दूर-दूरसँ आएल साहि‍त्य्-संगीत प्रेमी सबहक उपस्थिस‍ति‍ सेहो छल। मंचक संचालन रामसेवक ठाकुर, दुर्गानंद मंडल आ दयानंद कुमार केलनि‍। वि‍देह मैथि‍ली पोथी प्रदर्शनी मंचक दहि‍ना भाग लगाओल गेल रहए जे आकर्षक रहल।

दि‍नांक 28/01/2012 अर्थात उत्स वक पहि‍ल दि‍न दुटा नाटक क्रमश: बि‍सवासघात आे उल्काामुख’क प्रदर्शन भेल। जतए पहि‍ल नाटक हालेमे एन.एच. ि‍नर्माणमे भेल घोटालासँ उपजल षड्यंत्रक प्रभावकेँ उघार केलक ओतहि‍ दोसर नाटक जादू वास्तखवि‍कतावादी उल्कावमुख जइमे ऐति‍हासि‍क षड्यंत्रकेँ उघारल करैत खचाखच दर्शकदीर्घामे दाँते ओंगरी कटबाक स्थिह‍ति‍ बनौलक।
 
गुरु: ब्रह्मा गुरु: वि‍ष्णुत... मंगलाचरणसँ उद्घाटन सत्र प्रारम्भ  भेल। वि‍धि‍वत् दीप प्रज्वसलि‍त कऽ अवकाश प्राप्त. शि‍क्षक कुमार रामेश्वर लाल दास उद्घाटन केलनि‍। रंगमंचीय अध्यटक्ष डाॅ. उषा महासेठ एवं श्री ब्रज कि‍शोर साहक अभि‍भावकत्वामे कार्यक्रमकेँ आगाँ बढ़ाओल गेल। एकटा सुन्द र स्वािगत गीतसँ सुश्री शि‍ल्पीम कुमारी ओ आशा कुमारी स्वाुगत केलनि‍।

नाटक मंचनसँ पूर्व काली माताक झाँकी प्रस्तुीत कएल गेल जइमे काली केर प्रदर्शन केलीह सुश्री आरती कुमारी हाथक सहयोग केने रहनि‍ सुश्री उजमा नि‍हकत। ऐ अवसरपर गीत गाओल गेल छल- जय जय भैरवि‍....., जेकर गायक कलाकार रहथि‍ कुष्णआ कुमार यादव ओ कमल ि‍कशोर ‘पंकज’। एकर अति‍रि‍क्ता   जल स्वेच्छ्ता अभि‍यानपर आधारि‍त गीत ‘जल स्वहच्छ ता बढ़बैत चलू....’ एवं जट-जटीन, ‘जब जब पढ़ए कहलि‍यौ गे जटीन.....; फगुआ ‘सरस्वाती पूजामे नव उमंग आनल वसन्त़.....; रागि‍नी कुमारी, वि‍भा कुमारी, ललि‍ता कुमारी आ सुधीरा कुमारी द्वारा प्रस्तुचत कएल गेल।
बि‍सवासघात नाटकक प्रमुख पात्र- राम कि‍शुन, बीरू, एस.पी, कलक्टेर, उमाशंकर, गंगाराम, लक्ष्मी , ओम प्रकाश, बि‍लट, राजा आ हरि‍कि‍श्वर जेकर अभि‍नय केने छलाह क्रमश: दुर्गानंद ठाकुर, श्रवण कुमार महतो, सुनील कुमार महतो, नवीन कुमार मण्ड्ल, अमि‍त रंजन, सर्व नारायण महतो, नवीन कुमार, अभि‍नव कुमार सागर, मो. टॉसि‍फ, रमेश कुमार यादव, आ जीतेन्द्र. कुमार पासवान।

उल्कानमुख नाटकक प्रमुख पात्र- गंगेश, वल्लाभा, देवतत्त, आचार्य सिंह, भगता आ गंगाधर। अभि‍नय केने रहथि‍ क्रमश: अंजली ि‍प्रयदर्शिनी, प्रीति‍ कुमारी, सुलेखा कुमारी, श्वे‍ता कुमारी, पूजा कुमारी आ शि‍ल्पीि   कुमारी।
अंतमे हास्यय कलाकार श्री दुर्गानंद ठाकुर द्वारा अद्भुत समाचारक प्रस्तुाति‍ कऽ राति‍क 11 बजे कार्यक्रम शेष भेल।

एहि‍ना दोसर दि‍न माने 29/ 01/ 2012क कार्यक्रम शुभारम्भय भेल ‘वि‍देह सम्माकन समारोह’सँ ऐ सत्रक उद्घाटन उपसमाहर्ता सह प्रभारी एस.डी.ओ. चेत नारायण राय, डी.सी.एल.आर. कुमार मि‍थि‍लेश प्रसाद सिंह, साहि‍त्य कार जगदीश प्रसाद मंडल, कवि‍ जनक कि‍शोर लाल दास, डॉ. उषा महासेठ एवं अवकाश प्राप्तद  शि‍क्षक हरि‍नारायण झा सम्मिर‍लि‍त रूपसँ दीप प्रज्व्लि‍त क’।


नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प-वस्तुहकला, काष्ठट-कला, कि‍सानी-आत्म्नि‍र्भर संस्कृरति एवं चित्रकला‍ क्षेत्रमे 2012क विदेह सम्मानसँ सम्माननि‍त प्रति‍भागी सबहक सूची ऐ तरहेँ अछि‍-
अभि‍नय-
सुश्री शि‍ल्पी  कुमारी, उमेर- 17 पि‍ता श्री लक्ष्म1ण झा
श्री शोभा कान्ती महतो, उमेर- 15 पि‍ता- श्री रामअवतार महतो,
हास्यश-अभिनय-
सुश्री प्रि‍यंका कुमारी, उमेर- 16, पि‍ता- श्री वैद्यनाथ साह
श्री दुर्गानंद ठाकुर, उमेर- 23, पि‍ता- स्व्. भरत ठाकुर
नृत्यद-
सुश्री सुलेखा कुमारी, उमेर- 16, पि‍ता- श्री हरेराम यादव
श्री अमीत रंजन, उमेर- 18, पि‍ता- नागेश्वर कामत
चि‍त्रकला-
श्री पनकलाल मण्डल, उमेर- 35, पिता- स्व. सुन्दर मण्डल, गाम छजना
श्री रमेश कुमार भारती, उमेर- 23, पि‍ता- श्री मोती मण्ड ल
संगीत (हारमोनियम)-
श्री परमानन्दर ठाकुर, उमेर- 30, पि‍ता- श्री नथुनी ठाकुर
संगीत (ढोलक)-
श्री बुलन राउत, उमेर- 45, पि‍ता- स्वे. चि‍ल्टूछ राउत
संगीत (रसनचौकी)-
श्री बहादुर राम, उमेर- 55, पि‍ता- स्वे. सरजुग राम
शिल्पी-वस्तुकला-
श्री जगदीश मल्लिक, उमेर 50 गाम- चनौरागंज
मूर्ति- कला-
श्री यदुनंदन पंडि‍त, उमेर- 45, पि‍ता- अशर्फी पंडि‍त
काष्ठ-कला-
श्री झमेली मुखिया,पिता स्व. मूंगालाल मुखिया, उमेर 55, गाम- छजना
किसानी-आत्मनिर्भर संस्कृति-
श्री लछमी दास, उमेर- 50, पिता स्व. श्री फणी दास, गाम बेरमा

उपरोक्तम प्रति‍भागी सभकेँ प्रस्तीापत्र, प्रतीक चि‍न्ह  अा मालासँ सम्मा्नि‍त कएल गेलनि‍। उपहार स्वखरूप लगभग हजार-हजार रूपैयाक नव मैथि‍ली पोथी सेहो प्रदान कएल गेल। ऐ तरहेँ वि‍देह द्वारा ई एकटा नव डेग, जेकरा मैथि‍ली साहि‍त्यभमे पहि‍ल डेग सेहो कहबामे कोनो हर्ज नै, उठाओल गेल।
दोसर सत्र कवि‍ सम्मेथलन आ परि‍चर्चाक छल‍। ऐमे भाग लेलनि राम सेवक ठाकुर, दुर्गा नन्दन मण्डिल, नन्दे  वि‍लास राय, कपि‍लेश्वर राउत, लक्ष्मी् दास, रामवि‍लास साहु, प्रो. उपेन्द्र  नारायण अनुपम, जगदीश प्रसाद मंडल, जनक कि‍शोल लाल दास, राम प्रवेश सिंह, शम्भू  सौरभ, अजय कुमार दास, बलराम साहु, राम सेवक ठाकुर, अखि‍लेश कुमार मण्ड्ल, शि‍वकुमार मि‍श्र आ मो. गुल हसन आदि‍ कविमे‍ अखि‍लेश कुमार‍ मंडल आ लक्ष्मीु दास छोड़ि‍ सभ अपन-अपन स्व्लि‍खि‍त नूतन कवि‍ताक पाठ केलनि‍।
ऐ तरहेँ दोसर सत्रक समापनक पछाति‍ तेसर सत्र जे रंगमंच-सत्र ओ वि‍देह नाट्य उत्सपवक अंति‍म सत्र आयोजि‍त भेल। अंति‍म सत्रक वि‍शि‍ष्ट  अति‍थि‍गण रहथि‍- कामेश्वर कामति‍, नीलकांत दास, शि‍व कारक, मो. असनुद्दीन, नन्द‍ कि‍शोर गुप्ताक, कपि‍लेश्वर राउत। रंगमंचीय अध्य क्षता ओ मंच संचालन केलनि‍ दुर्गानंद मंडल।
....ग्रामीण जीवनकेँ बजारोन्मुसख हएब...। सस्ता  श्रम-शक्तिु‍ भेटलासँ पूँजीपति‍ वर्ग द्वारा शोषण...। श्रमक लूटसँ ग्रामीण लोक जानवरोसँ बत्तर जि‍नगी जीबए लेल मजबूर...। रूपैयाक लालचमे नीच-सँ-नीच काज करबाक लेल लोक केना तैयार होइए इत्या दि‍ वि‍षय-वस्तुीपर आधारि‍त बि‍रांगना एकांकी’क प्रस्तुैति‍क पछाति‍ वि‍देह नाट्य उत्सिवक समापनक घोषणा कएल गेल।
दुनू दिन बीच बीचमे बेचन जीक निर्देशनमे नारी सशक्तीकरण, आंगनवाड़ी आदिपर लघु नाटकक मंचन सेहो भेल आ हाइ अल्ला लघुनाटक खूब नीक रहल। “हाइ अल्ला” विद्यार्थी सभक आ हसनजी मास्टर साहेबक  संकल्पना आ बेचन ठाकुर जीक निर्देशनमे भेल।
उपरोक्ता समाचारक फोटो व वि‍डि‍यो नि‍म्न् लिंक सभपर उपल्ध्क   अछि‍।
http://maithili-drama.blogspot.com/
http://esamaad.blogspot.com/
http://sites.google.com/a/videha.com/videha-video



नाटक, गीत, संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, शिल्प आ चित्रकला क्षेत्रमे विदेह सम्मान २०१२
अभि‍नय- मुख्य अभिनय , सुश्री शि‍ल्‍पी कुमारी, उम्र- 17 पि‍ता श्री लक्ष्‍मण झा/ श्री शोभा कान्‍त महतो, उम्र- 15 पि‍ता- श्री रामअवतार महतो, /
हास्‍य-अभिनय सुश्री प्रि‍यंका कुमारी, उम्र- 16, पि‍ता- श्री वैद्यनाथ साह /श्री दुर्गानंद ठाकुर, उम्र- 23, पि‍ता- स्‍व. भरत ठाकुर
नृत्‍य सुश्री सुलेखा कुमारी, उम्र- 16, पि‍ता- श्री हरेराम यादव/ श्री अमीत रंजन, उम्र- 18, पि‍ता- नागेश्वर कामत

चि‍त्रकला श्री पनकलाल मण्डल, उमेर- ३५, पिता- स्व. सुन्दर मण्डल, गाम छजना/ श्री रमेश कुमार भारती, उम्र- 23, पि‍ता- श्री मोती मण्‍डल संगीत (हारमोनियम) /श्री परमानन्‍द ठाकुर, उम्र- 30, पि‍ता- श्री नथुनी ठाकुर

संगीत (ढोलक) श्री बुलन राउत, उम्र- 45, पि‍ता- स्‍व. चि‍ल्‍टू राउत

संगीत (रसनचौकी) श्री बहादुर राम, उम्र- 55, पि‍ता- स्‍व. सरजुग राम

शिल्पी-वस्तुकला श्री जगदीश मल्लिक,५० गाम- चनौरागंज

मूर्ति-मृत्तिका कला श्री यदुनंदन पंडि‍त, उम्र- 45, पि‍ता- अशर्फी पंडि‍त

काष्ठ-कला श्री झमेली मुखिया,पिता स्व. मूंगालाल मुखिया, ५५, गाम- छजना

किसानी-आत्मनिर्भर संस्कृति श्री लछमी दास, उमेर- ५०, पिता स्व. श्री फणी दास, गाम वेरमा

















































































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